सीएम धामी ने पत्नी व माता के साथ महाकुंभ की त्रिवेणी में लगाई डुबकी

कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता- सीएम धामी

देहरादून/प्रयागराज। महाकुंभ में त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में माता को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।

वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है। माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है।

इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं अपितु सजीव तीर्थ हैं जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।

इस दौरान सीएम धामी की पत्नी गीता धामी ने संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया।

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